AAPKA MERE IS BLOG MEIN SWAGAT HAIN

MERI KAVITAON KA LUTHF UTHAYEIN

Monday, January 30, 2012


Wednesday, February 23, 2011

आरती श्री गूगल महाराज.............


ॐ जय गूगल हरे !!
स्वामी जय गूगल हरे !!
प्रोग्रामर्स के संकट, नेट यूजर्स के संकट !!
एक क्लिक मे दूर करे !!
ॐ जय गूगल हरे !!

जी-मेल की सुविधा !!
सब जमकर मेल करे, स्वामी मिल कर मेल करे !!
सोशल नेटवर्किंग ऑरकुट, लेखको के लिए ब्लॉगर !!
सब जन चैट करे !!
ॐ जय गूगल हरे !!

तुम देवा सर्च इंजिन !!
तुम इन्टरनेट राजा, स्वामी इन्टरनेट राजा !!
तुम होमेवोर्क कराओ, प्रोजेक्ट पूरे कराओ !!
कस्ट हरो वर्क का !!
ॐ जय गूगल हरे !!

तुम नोलेज के सागर !!
तुम पालनकर्ता, स्वामी तुम पालनकर्ता !!
मैं तो सर्चर खल्कामी, तुम हो सर्वर स्वामी !!
सब मेटर सर्च करता !!
ॐ जय गूगल हरे !!

वेब सर्च, इमेज सर्च !!
न्यूज़ भी सर्च करे, स्वामी ब्लॉग भी सर्च करे !!
अपने सर्च दिखाओ, सारी री-सर्च दिखाओ !!
साईट पे खड़ा खड़ा में तेरे !!
ॐ जय गूगल हरे !!

गूगल क्रोम ब्राऊजर !!
नेट स्पीड को तेज करे, स्वमी नेट स्पीड दोढाये !!
गूगल अर्थ घर बैठे, गूगल मैप घर बैठे !!
सारी दुनिया घुमवाए !!
ॐ जय गूगल हरे !!

गूगल देव जी की आरती !!
जो कोई भी गावे, जो नेट यूजर गावे !!
कहत "मारवाड़ी" कविवर , कहत "अमन" नेट यूजर !!
सरे वाइरस सिस्टम से पल में दूर भगे !!
ॐ जय गूगल हरे !!

- अमन अग्रवाल "मारवाड़ी"

Saturday, January 22, 2011

एक नारी की आत्मकथा

मै हूँ एक नारी........

नारी हाँ मै ही हूँ, मै हूँ एक नारी।
बड़ा कमजोर सा लगता है न मेरा नाम ।
दुर्भाग्य! नर मे दो बड़ी मात्रा जोड़ने से बनता है।
फिर भी नर से कमजोर हूँ मै, क्यूकि मै हूँ ,
नारी हाँ मै ही हूँ, मै हूँ एक नारी।

कितने नर तो मुझे जन्म ही नहीं लेने देते है।
नारी हूँ न पैदा होते ही मार देते है।
अरे! मुझे ढंग से आँखे भी नहीं खोलने देते है।
खत्म कर देते है मेरे पैदा होते ही मेरी जीवन कहानी।
नारी हाँ मै ही हूँ, मै हूँ एक नारी।

ओह! वह कैसा द्रश्य है? मेरी नजरो से देखो।
नारी के मंदिर मै नर की दुआये मांगी जा रही है।
अरे ओ मांगने वालो मत भूलो की देने वाली दुर्गा भी है एक नारी।
नारी हाँ मै ही हूँ, मै हूँ एक नारी।

अरे! वहा देखिये एक लड़के ने जन्म लिया है।
वाह! क्या बात है लड्डू बांटें जा रहे है।
मगर यह क्या हा हा यही देखिये यह हरियाणा है।
यहाँ कन्या के भ्रुर्ण निर्दयता से काटे जा रहे है।
क्या बेच खाई इन जालिमो ने मानवता सारी।
नारी हाँ मै ही हूँ, मै हूँ एक नारी।

अरे! वहा देखिये भाई बहन खेल रहे है,
माँ की आवाज मोहन स्कूल जा, मोहिनी चाय ला,
क्या लड़को को ही चाहिये शिक्षा लाडो को नहीं सिखानी?
नारी हाँ मै ही हूँ, मै हूँ एक नारी।

ओह! इधर तो देखे लड़की की शादी है।
मगर यह बाबुल राजा क्या बेच रहे है?
ओह! दहेज़ मे पांच लाख मांगे है।
वह तो अपना पुश्तैनी घर बेच रहे है।
दुल्हन ही दहेज़ है कब समझेंगे बात यह प्यारी?
नारी हाँ मै ही हूँ, मै हूँ एक नारी।

ओह वहा वो लड़की मिटटी के तेल के साथ क्या कर रही है?
नहीं, नहीं ऐसा मत करो बहिन ऐसा मत करो नहीं नहीं
अफ़सोस फिर दहेज़ की आग मे जल गयी किसी बाबुल की प्यारी.
नारी हाँ मै ही हूँ, मै हूँ एक नारी।

अरे मगर मे यह सब आपको क्यों बता रही हूँ ?
खाली आपको बता अपना गला सुखा रही हूँ !
आपने भी तो मुझे कोख मे मारा होगा.
मेरे बाबुल से दहेज़ तो माँगा ही होगा
'प्रताड़ित' शब्द मे सिमट गयी मेरी कहानी.
नारी हाँ मै ही हूँ, मै हूँ एक नारी।

पापा ओ पापा मुझे मत मरो मुस्काने दो
इस रंगीन दुनिया मे पंख फ़ैलाने दो
मुझे एक मौका तो दो रोशन आपका नाम करुँगी
मुझे एक मौका दो रोशन आपका नाम करुँगी.
प्रतिभा पाटिल कल्पना चावला बनूँगी
कुछ ऐसा कर दिखाउंगी की जाओगे मुझ पे वारी
नारी हाँ मै ही हूँ, मै हूँ एक नारी।

मेरे बिना दुनिया कैसी होगी, सोचो.
क्या नहीं सोच पा रहे हाँ मे जानती थी यह
मेरे बिना दुनिया अपना अस्तित्व झुठलाती है.
जन्म देती है नारी जननी कहलाती है
मेरे बिना कैसे चलेगी यह दुनिया दारी?
नारी हाँ मै ही हूँ, मै हूँ एक नारी

खेर आज आपने मेरी कथा सुनी कल भूल जाओगे।
फिर किसी नारी को जिन्दा जलते देखते जाओगे।
अरे अब भी वक़्त है चला दो इस बुराई पर आरी।
नारी हाँ मै ही हूँ, मै हूँ एक नारी

यह थी नारी की गाथा इसे जन जन तक पहुचना
नारी की रक्षा की सदा ही अलख जगाना
मारवाड़ी ने नारी के शब्दों से अपनी कलम संवारी
नारी हा वो थी, वो थी एक नारी

-
अमन अग्रवाल "मारवाड़ी"










Tuesday, January 18, 2011

वो सुहाना बचपना

वो बचपन मै वापस कहा से लाऊ ?
कोई तो बता दे कि किस दर पर जाऊ?
मै विनती करू मै इबादत करू लगाऊ मै ध्यान
मुझे मेरा बचपन लोटा दो भागवान

नहीं मुझको चहिये हीरा और मोती नहीं चहिये मुझको सोना
मुझे तो बस मेरे बचपन की यादों मे वापस जाकर है खोना
वो देर से उठना तेज साईकिल चलाना प्रार्थना मे करना रास्ट्र गान
मुझे मेरा बचपन लोटा दो भागवान

लोटा दो भगवन मुझे मेरे खिलोने का वो डब्बा
वो तोतली जुबान भी दो वापस जिससे खाने को कहता मे हप्पा
वो पापा के पीछे से टॉफिया खाना चट कर जाना अपनी दुकान
मुझे मेरा बचपन लोटा दो भगवान

वो आम की बगिया भी वापस लोटा दो जिसमे बैठ हम आम थे खाते
माली काका जब मारने आते उनको तो भाग उनको जीभ चिढाते
वो कहना माली अंकल का की अमन तू हो गया बड़ा ही शैतान
मुझे मेरा बचपन लोटा दे भगवान

'मारवाड़ी' पर भगवान कृपा बरसना
उसे उसका बचपन वापस लौटना
वापस जीना चाहू मे बन कर के नादान
मुझे मेरा बचपन लोटा दे भगवान

इस ही कड़ी मे मेरी एक और कविता उपरोक्त कविता से मिलती हुई
शीर्षक- वो स्कूल की यादें

स्कूल की बातें बहुत याद आती।
वो बचपन की यादें आंसू तक ले आती ।
वो देर से उठ मुह धो स्कूल को जाना ।
बहुत याद आता है वो बचपन सुहाना।

वो कक्षा की पढाई इंटरवेल की मस्ती।
हा याद है मुझको आठवे घंटे की सुस्ती।
वो खाली वादन मे अपनी कविता सुनाना।
बहुत याद आता है वो बचपन सुहाना।

वो ग्यारहवी कक्षा मे जिन्दगी गयी बदल ।
पढाई इतनी बढ़ गयी की माथे पे पढ़ा बल।
वो ट्यूशन से स्कूल , स्कूल से ट्यूशन को जाना।
बहुत याद आता है वो बचपन सुहाना।


वो पंद्रह अगस्त छब्बीस जनवरी की बातें
डांस प्रक्टीस मे कटते थे दिन और रातें
वो भारत माता की जय के नारे लगाना
बहुत याद आता है वो बचपन सुहाना

हे भगवन क्यों मुझको तुमने बड़ा किया?
'मारवाड़ी' से क्यों उसका बचपन ले लिया?
अमन को तुम उसका बचपन लौटना
बहुत याद आता है वो बचपन सुहाना




Thursday, December 16, 2010

YEH KAISA BHARAT?



आज आपको एक घटना सुनाता हूँ

अशिक्षित भारत से आपको रूबरू करता हूँ

लालकुआ से बैठा ट्रेन पर बरेली थी मंजिल

करनी थी अटेंड वह हमको एक महफ़िल

रस
बढ़ रहा था यात्रा का पहुच गए हम किच्छा

आगे की YAATRA मे फिर स्टेशन आया रिच्छा

पांच
मिनुत के स्टॉप मे जब कलग गया time

हमने जाकर पता किया इस एवरी थिंग fine

पता चला जब बगल वाली पटरी पर दूसरी ट्रेन आयेगी

तब ही हमारी TRAIN आगे की AUR जाएगी

मे बैठ गया सीट पर झाँकने लगा बहार की और

गयी दूसरी ट्रेन भी मैंने फिर किया गौर

मगर देखा की कुछ लड़के नहीं चढ़ पाए और ट्रेन चल दी

उन लडको की भी बुद्धि पता नहीं कहा चल दी

उठा के पत्थर ट्रेन पर फैकने लगे वो अनपढ़

जैसे ऐसा कर उनका स्वाभिमान गया हो बढ़

नहीं थी उन्हें कोई फिक्र किसी को चोट लग जाएगी

किसी बच्चे को पत्थर लग गया तो उसकी हड्डी टूट जाएगी

वो बदतमीज कुवांरे अकाल के मार फैक रहे थे पत्थर

भूल गए की जाना है उन्हें एक दिन खुदा के घर

जब ट्रेन चले गयी तो वो गली देने लगे।

अभी भी मन नहीं भरा अपशब्द कहने लगे

मेरी ट्रेन भी चल दी देखते हुए यह मंजर

इस घटना नै चला दिया मेरे सीने पर खंजर

क्या इसलिए कहते है हम मेरा भारत महान

क्या इसलिए है हमको खुद पर इतना गुमान

अरे नेता को भ्रस्त कहने वाले आदमी तू आम

तुने तो इस घटना से किया नेता को भी गुमनाम

जब भारतवासी अपनी सोच मे बदलाव लायेगा

तब ही हमारा यह भारत बदल पायेगा

'मारवाड़ी' अपनी देखि घटना युही सुनाएगा

















Monday, November 29, 2010

JHOOTA HI SAHI


CHAL RAHA HAI DESH LIYE BAS EK TAKIYA KALAM
RAAT KO KAHTE HAI DIN SUBAH KO SHAAM
CHALI HAI REET AISI JO DEKHI NAHI KAHI
DESH MERA MAHAN TOH HAI, JHOOTA HI SAHI , JHOOTA HI SAHI

DILLI MAI HUE RASTRAMANDAL KHEL SAB BOLE COMMONWEALTH
BHRASTHA NETAO NE KIYE GHOTALE BADAI APNI HEALTH
KALMADI KE GHOTALO KI TOH JAISE NADI BAHI
SAFAL HO GAYE SARE KHEL, JHOOTA HI SAHI , JHOOTA HI SAHI

SHIKSHA KA HUA VYAPARIKARAN, AATHVI FAIL AB KARE B.TECH
GYAN NAHI HAI KEEMTI CHAIYE SHIKSHA TOH PAISA FAIK
PAISA DO DEGREE LO ,PAISA NAHI TOH SHIKSHA NAHI
PADA LIKHA TOH HAI BHARAT, JHOOTA HI SAHI , JHOOTA HI SAHI

MANA KI KHADA HO RAHA HAI RAAJNEETI MAI BHARAT KA YOUTH
MAGAR AAJ BHI BIHAR MAI LOOTE JA RAHE HAI POLING BOOTH
KAASH SACH KARE NETA WO GHOSNA JO CHUNAV SE PAHLE KAHI
BHARAT KE PASS NETA TOH HAI, JHOOTA HI SAHI , JHOOTA HI SAHI

VIKASH SHEEL HAI KYA VIKAS SHEEL HI RAH JAYENGE
VIKSIT NAHI HO PANE KA KYA MALAL SAH PAYENGE
DEKH DESH KI HALAT 'MARWARI' KA DIMAG HO GAYA DAHI
ACCHA TOH LIKH LETA HU MAI, JHOOTA HI SAHI , JHOOTA HI SAHI

Friday, November 26, 2010

DEKHIYE "MARWARI" KE VIVIDH ROOP


ME AS KANHA JI HOPE YOU WILL COMMENT.....................


BAS AB PERFORMANCE KARENGE.............................




MAI MARWARI CHORA SU. MAHARI EE PAGDI WALI PHOTO THANU KAISU LAGI HAI MANNE KO JARUR BATANA JI. MAHARE KO THARE COMMENT KA INTJAR RAHEWEGA ACCHA JI KHAMBA GARI JI...................................


JAB TOOT GAYI KALAM


KAL PATHKO LIKH RAHE THE HAM EK KAVITA
KAVITA KA SHIRSHAK RAKHA THA HAMNE NETA

JHAD RAHE THE HAMARI KAVITA SE BAHUT HI BHAV
KYUKI DIKHAYA HAMNE KAISE AATE NETA JAB AATE CHUNAV

DHEERE DHEERE KAVITA MAI RAS GAYA CHADH
MERA BHI UTSAAH PHIR GAYA BAHUT HI BADH

AB MAINE APNI COPY KO RAKH DIYA KINARE
AUR SOCHTE HUE KAVITA APNI KALAM LAGA HILANE

JAISE HI LIKHI LINE KI NETA DALE JANTA MAI FOOT
ACHANAK YARO HAMARI KALAM GAYI THI TOOT

PHIR JAB LIKH RAHA THA KI NETA HAI GANDA MAIL
ACHANAK MERI KALAM SE SYAHI GAYI THI FAIL

PEHLE TOH MAI NAHI SAMJHA IS GHATNA KA ABHIPRAYE
LI MAINE APNE BADO SE IS PARIPAKSHYA MAI RAI

WO BOLE YEH CHINGARI HAI NAHI HAI KOI AAG
KYU 'MARWARI' LAGA RAHA IS GHATNA MAI DIMAG

MERA DIL NAHI MANA SOCHA KALAM KUCH SAMJHA RAHI
VYARTHA WO APNI SYAHI YU HI NAHI BAHA RAHI

THODHA SA SOCHE KE BAAD JAB MERI SAMAJH AA GAYA
MERI KALAM KA SAMVAD MERE MAN BHA GAYA

KALAM KA TOOTNA YARO HAME YEH DIKHATA HAI
JAB NETA DALE JANTA MAI FOOT SAMAJ TOOJ JATA HAI

TOOT JATI HAI FOOT SE RISHTO KI GAHRAI
NETA HI KHODTE HAI HINDU MUSLIM MAI KHAI

JA SYAHI FAILI KALAM BOLI 'MARWARI' TU TOH DIBBA HAI
YEH NETA GANDA MAIL NAHI VARAN SAMAJ PAR DHABBA HAI

KALAM NE KHUD KA LIKHA HUA GANDA KAR DIKHAYA HAI
JO UNHE VOTE DE NETA UNHE CHOT DE AISI NETA KI KAYA HAI

AB SAMJHA KYA KAHNA CHATI THI MERI KALAM
MERI KALAM KE VICHRO MAI MUJHSE BHI JYADA HAI DUM

AGAR BHA GAYA AAPKO MERI KALAM KA SAMVAD
TOH 'MARWARI' KO DIJIYE KUCH TALI AUR DAAD



Saturday, August 7, 2010

DURBHAGYA HAMARA

HAMARE BHARAT KI TOH KISMAT HI BEKAR HAI
CHINA MAI TOH OLYMPIC PADKO KI BHARMAR HAI
KASH YEH OLYMPIC TRETA ,DWAPAR MAI HUE HOTE
TOH VIDHESHI SUBAK SUBAK KE RO RAHE HOTE

KAISE YEH GHATNA HOTI AAPKO SAMJHATA HU
TRETA DWAPAR KE KHILADIYO KI KARAMAT DIKHLATA HU
WEIGHTLIFTING MAI SABKE CHAKKE CHURA DETE
BHEEM MAHARAJ KAISA BHI WAJAN FURR SE UTHA LETE

LONG JUMP MAI EK RECORD PATHAR KI LAKIR BAN JATA
KOI MAAI KA LAAL USE TODH BHI NAHI PATA
SAMUNDRA JO LANGH GAYE HANUMANT, UNSE ACCHI JUMP KON LAGATA
LONG JUMP KA SWARNA PADAK PHIR BHARAT MAI HI AATA

TEERANDAJI MAI BHARAT KA KOI JABAB PHIR NA HOTA
100 MTR KYA 1000 MTR KA NISHANA LAG GAYA HOTA
TEERANDAJI MAI BHARAT KO SWARNA PADAK DILWATE
ARJUN MAHAN DHANUDHAR HAR SPARDHA JEET JATE

RACE MAI BHI BHARAT KAHA RAHTA POEECHE
PAWAN DEV RAHTE AAGE UYSEN BOLT RAHTA PEECHE
AGAR BANSURI BAADAN KA KOI KHEL OLYMPIC MAI HOTA SHURU
TOH MATHURA KE RAJA KRISHNA BAN JATE SAB KE GURU

KALYUYG MAI BHI HO SAKTE HAI UPROKT CHAMATKAR
BAS OLYMPIC KHELO MAI KARNE HONGE KUCH SUDHAR
AGAR GHOTALO KA KHEL; SHURU HO JAYEGA
TOH LALU JI SE ACCHA CHARA KON CHABAYEGA

KHER AB OLYMPIC GATHA KARTA HU SAMAPT
AGAR NEECHE KI LINE ACCHI LAGE TOH DENA DAAD

"MARWARI" ACCHA HAI KI OLYMPIC CHAR SAAL MAI EK BAAR ATE HAI
KAM SE KAM HAMARE KHILADI HAR SAAL HARNE SE TOH BACH JATE HAI








Tuesday, July 13, 2010

JINDGINAMA


DARD-E-DIL BATAU TOH KAISE?
HAAL-E-DIL SUNAU TOH KAISE?
DHAGE SI ULAJH GAYI MERI JINDGI
USKO SULJHAUN TOH KAISE.

MAALIK SE HI GHUFTGU KAR JATA HU
KHUDA KO HAAL-E-DIL SUNATA HU
SAGAR KA TUFAAN LAG RAHI HAI JINDGI
IK KASHTI PAAR LAGAUN TOH KAISE

KHUSHI KI EK SAANS TAK NA LE PATA HU
CHAIN SE AB SO TAK NAHI PATA HU
TUM KEHTE HO CHAIN SE SOJA 'AMAN'
SAPNO MEIN KHO PAAU TOH KAISE

JANA HOTA HAI KAHI, KAHI AUR CHALA JATA HU
MANGWATE HAI LOG KUCH KUCH AUR LEKAR AATA HU'
HAS PADTA HAI YEH JAHAN MUJHKO DEKHKAR
IS JAHAN KI HASI ROK PAAU TOH KAISE

EKANT MEIN HI BAITHA BAITHA RO JATA HU
AANSUO KE ROOP MEIN APNA GAM BAHATA HU
NADAN HU AE DUNIYA WALO SAMJHO MUJHE BACCHA
DUNIYA KO YEH BAAT SAMJHAU TOH KAISE

AB TOH KAVITA LIKHNA HI PREM HAI
KAVITA HI MERI MASHUKA HAI DOSTON
KAVIYO KE DIL KE KARUN BHAV
SHROTAO TAK PAHUCHAU TOH KAISE

BEES BASANT BHI NAHI DEKHE, JINDGI PAR LIKH RAHA HU
PATA NAHI KI PAAP KAR RAHA HU YA PUNYA KAR RAHA HU
PARISHAN HAI 'MARWARI' KI YEH JINDGINAMA
PATHKO KO SUNAU TOH KAISE


DHAGE SI ULAJH GAYI MERI JINDGI
USKO SULJHAUN TOH KAISE.








Thursday, June 24, 2010

EK NARI KI AATMA KATHA



MEIN HU EK NARI







NARI, MEIN HI HU, HA MEIN HU EK NARI
BADA KAMJOR SA LAGTA HAI NA MERA NAAM
DURBHAGYA! NAR MEIN DO MATRA JODNE SE BANTA HAI
PHIR BHI NAR SE KAMJOR HU MEIN, KYUKI MEIN HU NARI
NARI, MEIN HI HU, HA MEIN HU EK NARI

KITNE NAR TO MUJHE JANM HI NAHI LENE DETE HAI
NARI HU NA PEDA HOTE HI MAAR DETE HAI
ARE MUJHE DHANG SE AANKHE BHI NAHI KHOLNE DETE HAI
KHTMA KAR DETE HAI MERE PEDA HOTE HI MERI JEEVAN KAHANI
NARI, MEIN HI HU, HA MEIN HU EK NARI

WAH! YEH KAISA DRASHYA HAI MERI AANKHO SE DEKHO
NARI KE MANDIR MEIN NAR KI MURADE MANGI JA RAHI HAI
ARE MAT BHULO DENE WALI DURGA BHI HAI EK NARI
NARI, MEIN HI HU, HA MEIN HU EK NARI

ARE WAHA DEKHIYE EK LADKE NE JANM LIYA HAI
WAH! KYA BAAT HAI LADDU BANTEIN JA RAHE HAI
MAGAR YEH KYA YAHA DEKHIYE , HARIYANA HAI
YAHA KANYA KE BHRUNA NIRDAYATA SE KANTE JA RAHE HAI
KYA BECH KHAI INHONE MANAVTA SAARI
NARI, MEIN HI HU, HA MEIN HU EK NARI

ARE YAHA DEKHIYE BHAI BEHAN KHEL RAHE HAI
MAA KI AAWAJ, MOHAN SCHOOL JA MOHNI CHAI LA
KYA LADKO KO HI CHAIYE SHIKSHA, LADO KO NAHI SIKHANI
NARI, MEIN HI HU, HA MEIN HU EK NARI

ARE! IDHAR DEKHE LADKI KI SHADI HAI
MAGAR YEH BABUL RAJA KYA BECH RAHE HAI
OH! LADKE WALO NE 5 LACK MANGE HAI
WO TO APNA PUSHTENI GHAR BECH RAHE HAI
DULHAN HI DAHEJ HAI KAB SAMJHENGE YEH BAAT PYARI
NARI, MEIN HI HU, HA MEIN HU EK NARI

OH! UDHAR WO DULHAN MITTI KE TEL SE KYA KAR RAHI HAI
NAHI, AISA MAT KARO NAHI BEHAN , NAHI NAHI
AFSOAS PHIR DAHEJ KI AAG MEIN JAL GAYI KISI BABUL KI PYARI
NARI, MEIN HI HU, HA MEIN HU EK NARI

ARE! MAGAR MEIN YEH SAB AAPKO KYU BATA RAHI HU
KHALI AAPKO BATA APNA GALA SUKHA RAHI HU
AAP NE BHI TOH MUJHE KOKH MEIN MARA HOGA
NAHI TOH MERE BABUL SE DAHEJH TOH MANGA HOGA
'PRATARIT' BAS ISHI SHABAD MEIN SIMTI HAI MERI KAHANI
NARI, MEIN HI HU, HA MEIN HU EK NARI

PAPA O PAPA MUJHE MAT MARO MUSKANE DO
IS HASIN DUNIYA MEIN PANKH FELANE DO
MUJE EK MOUKA TO DO ROSHAN AAPKA NAAM KARUNGI
PRATIBHA PATIL, LAXMI BAI , KALPANA CHAWLA BANUNGI
AISA KAR DIKHAUNGI PAPA KI JAOGE MUJH PE WARI
NARI, MEIN HI HU, HA MEIN HU EK NARI

MERE BINA DUNIA KAISI HOGI SOCHO! KYA?
NAHI SOCH PA RAHE HA MEIN JANTI THI YEH
MERE BINA DUNIYA APNA ASTHITVA JHUTLATI HAI
JANM DETI HU MEIN JANNI KEHLATI HU
MERE BINA KAISE CHALEGI YEH DUNIYADARI
NARI, MEIN HI HU, HA MEIN HU EK NARI

KHER! AAJ APNE MERI AATMAKATHA SUNI KAL BHUL JAAOGE
PHIR KISI NAARI KO JINDA JALTEIN DEKHTE JAAOGE
AB BHI WAQT HAI CHALA DO IS BURAI PAR AARI
NARI, MEIN HI HU, HA MEIN HU EK NARI

YEH THI EK NARI KI GATHA ISE JAN JAN TAK PAHUCHANA
NARI KI SADA HI RAKSHA KI ALAKH JAGANA
'MARWARI' NE NARI KE SHABDO SE APNI KALAM SAWARI
NARI, MEIN HI HU, HA MEIN HU EK NARI

Monday, June 14, 2010

JUNGLE MEIN CHUNAV



JUNGLE MEIN JANVARO KI BETHAK, BOLE SHER KE BAD GAYE BHAV
CITY KI TARAH MAHODAY, AB JUNGLE EIN BHI HOGA CHUNAV

KINTU KHADI SAMASYA BADI, KI SHER KE KHILAF KON PRATYASHI
NIRNAY LIYA MIL KE SABNE,KI LOMRI HAI CHATUR CHALAK SAHASI

PHIR KYA HONA THA MAHASHAY JI, CHUNAV KA MAHOL GAYA BAN
VIDWAN ULLU KE NETRATV MEIN ELECTION COMISION HUA GATHAN

JUNGLE MEIN LAGU HO GAYI CHUNAV KI KADI AACHAR SANHITA
LOMRI KA SATHI KHARGOSH BANA SHER KA BAN GAYA CHEETA

DONO PRATYASHI KO AAVANTITH KIYE GAYE CHUNAV NISHAAN
JHOOTHE ASHWASHAN DEKAR PRATYASHI BADA RAHE APNI SHAAN

JUNGLE MEIN BATNE LAG GAYE AB TO DEKHIYE SAREE OR NOTE
LOMRI BOLI MAHILA SHASHAKTIKARAN HETU DE MUJHE VOTE

GEEDAR MAT BHAG TOWN, JUNGLE MEIN HI HOGA TERA DERA
ULLU KO MILA ASHWAASAN AB DIN MEIN BHI HOGA ANDHERA

HATHI BANDAR JI JUNGLE MEIN JITNE MARJI KELE AAP CHAKHNA
MAGAR LANGUR JI HAMARA CHUNAV NISHAN DHYAN RAKHNA

JAB SHER SABKO DE RAHA THA VADE , SHERNI NE ADA DI TANG
KAHA HUSBAND RAJA BHUK LAGI HAI LADO MUJHKOHIRAN KI TANG

SHER BOLA SHERNI SE SUNO BEGAM ITNI HAI MERI APSE FARIYAAD
ARE JITNE MARJI HIRAN KHA LENA MAGAR SIRF CHUNAV KE BAAD

KAHE 'MARWARI' YE NETA BHI HAME JHOTE VADE DE JATE HAI
OR JITNE KE BAAD HAME YUN HI KACCHA CHABATE HAI




Friday, May 28, 2010

MAANSOON TUM JALDI AAO


HUM KO AISE NA TADPAO
MANSOON TUM JALDI AAO
SUKHE KE AASAR BAN GAYE,
INDRA DEV KYU AISE TAN GAYE
INDRA DEVTA KO RIJHAO
MANSOON TUM JALDI AAO

PYASE JANTU PYASE PAKSHI
PYASE HUM SAB PYASI DHARTI
HUM SAB KI TUM PYAS BHUJHAO
MANSOON TUM JALDI AAO

GARAM HAWA KE JHOKE AATE
VIBHIN BIMARI SANG HAI LATE
LU KE CHAPEDO SE HAME BACHAO
MANSOON TUM JALDI AAO

IS BAAR BARSO BADE JOR SE
BAADAL GARJO BADE SOR SE
BUNDO KE TUM BAAN CHALAO
MANSOON TUM JALDI AAO




Wednesday, May 26, 2010

SHIKSHAK HAI MAHAN


GURUVAR KI MAHIMA KA,
KAISE KARU BAKHAAN
ASABHYA KO SABHYA BANATE,
DE SHIKSHA KA GYAN
VIDHYALAY HAI VAHI PAVITRA,
PUJNE YOGYA STHAN
JAHA PADATE HAI HAMARE,
YE GURUVAR MAHAN


HAME BHI BADANI CHAHIYE,
VIDHYALAY KI SHAAN
YAHI HAMARI KARMABHUMI,
YAHI HAMARA JAHAN
KAHE 'MARWARI' GURUVAR KO,
SADA SAMJHO BHAGWAN
INHI KE KARAN BANTA HAI,
HAMARA CHARITRA MAHAN